BJP विधायक ने महिला SDM को हड़काया, वीडियो वायरल

आगरा जिले के एक बीजेपी विधायक का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें विधायक एक महिला एसडीएम को हड़का रहे हैं. आरोपी विधायक चौधरी उदयभान सिंह आगरा की फतेहपुर सीकरी विधानसभा सीट से विधायक हैं.

आगरा में भाजपा विधायक चौधरी उदयभान सिंह ने भरी सभा में महिला एसडीएम गरिमा सिंह को हड़काया. लेकिन वहां किसी ने उनका वीडियो बना लिया. जो अब तेजी से वायरल हो रहा है. गरिमा सिंह किरावली की एसडीएम हैं.

बीजेपी विधायक चौधरी उदयभान सिंह ने भरी सभा में एसडीएम गरिमा सिंह को खरीखोटी सुनाई और नौकर तक बता डाला. वायरल वीडियो में विधायक एसडीएम को कहते दिख रहे हैं कि तुम्हें मेरी ताकत का अहसास नहीं है.

विधायक उदयभान सिंह का इस मामले में कहना है कि किसान मेरे कार्यालय पर आये थे. किसानों को ओलावृष्टि का मुआवजा नहीं मिला है. किसानों की समस्या लेकर में एसडीएम के ऑफिस गया था. एसडीएम ने किसानों के साथ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया, तब में बीच में आया और मैंने एसडीएम को डांटा था.

उदयभान सिंह का कहना है "कोई खास बात नहीं है. यह लोकतंत्र में जनता की बात के लिए करना पड़ता है. किसान कल मेरे कार्यालय पर आए थे, तब मैं गया था. वहां किसानों को ओलावृष्टी से हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिल रहा था. इसी को लेकर में बात करने गया था एसडीएम से."

भले ही भाजपा विधायक अब सफाई में कुछ भी कहें लेकिन सत्ता का नशा किस कदर उनके सिर पर चढ़ कर बोल रहा है, यह मामला इसकी बानगीभर है. ऐसे ही मामले में यूपी में आए दिन देखने को मिल रहे हैं. लेकिन सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस तरह के मामलों पर अपनी आंखे मूंद लेते हैं.

दोषी ठहराए गए सज्जन कुमार को 31 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करना होगा. इस केस में सज्जन कुमार के अलावा बलवान खोखर, कैप्टन भागमल और गिरधारी लाल को दी गई उम्रकैद की सजा बरकरार रखी गई है. वहीं, पूर्व विधायक महेंद्र यादव और किशन खोखर की सजा बढ़ाते हुए 10-10 साल की जेल की सजा सुनाई गई है. जबकि लोवर कोर्ट ने महेंद्र और किशन को 3-3 साल की सजा दी थी.

आजतक के खास कार्यक्रम 'एजेंडा आजतक 2018' का आज दूसरा दिन है. दूसरे दिन की शुरुआत केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई. '2019 का रोड मैप' सेशन का संचालन रोहित सरदाना ने किया. इस सत्र में नितिन गडकरी ने राम मंदिर के मुद्दे पर भी खुल कर बात की.

नितिन गडकरी ने कहा कि अयोध्या का मुद्दा धर्म का नहीं है, ये जनभावनाओं से जुड़ा है. अगर राम के जन्मस्थान पर मंदिर नहीं बनेगा तो किधर बनेगा. ये भारतीय जनता पार्टी के एजेंडे में पहले भी था और आज भी है. उन्होंने कहा कि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है लेकिन अभी भी आपसी बातचीत से मुद्दा सुलझ सकता है.

पूर्व बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि हमने जो पालमपुर की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में वादा किया था उसी पर आज ही कायम हैं. लेकिन हम कोर्ट में हैं. गडकरी ने कहा कि राम मंदिर बनाने के तीन रास्ते हैं. पहला सुप्रीम कोर्ट के फैसले से, दूसरा आपसी बातचीत से और तीसरा संसद में कानून लाने से.

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