ब्रिटेन चागोस द्वीप पर कब्ज़ा छोड़े: संयुक्त राष्ट्र
संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत ने कहा है कि ब्रिटेन को हिंद महासागर में स्थित चागोस द्वीप पर अपना नियंत्रण जल्द से जल्द ख़त्म कर देना चाहिए.
मॉरीशस को 1968 में ब्रिटेन से आजादी मिली थी, लेकिन उससे पहले ही 1965 में ब्रिटेन ने मॉरीशस से चागोस द्वीप समूह को अलग कर दिया था.
मॉरीशस ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में दावा किया है कि इस द्वीप समूह पर 18वीं शताब्दी से ही उसका अधिकार था, लेकिन 1965 में अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन कर इसे ब्रिटेन ने हड़प लिया.
कोर्ट ने कहा कि चागोस द्वीप को मॉरीशस से वैध तरीक़े से अलग नहीं किया गया.
आईसीजे ने अपने फ़ैसले में कहा है कि द्वीप समूह को क़ानूनी तरीके से मॉरीशस से अलग नहीं किया गया था और मॉरीशस से उसे अलग करने की कार्रवाई ग़ैर-क़ानूनी थी. ब्रिटेन के शासन वाले इस द्वीप समूह पर अमरीका का डिएगो ग्रेसिया सैन्य अड्डा है.
आईसीजे अध्यक्ष अब्दुलकवी अहमद युसूफ़ ने कहा है कि द्वीप समूह से अपना शासन जल्द से जल्द ख़त्म करना ब्रिटेन का कर्तव्य है. मॉरीशस सरकार ने पिछले साल सुनवाई के दौरान कहा था कि चागोस द्वीप समूह को जबरन उससे लिया गया था. जबकि, ब्रिटेन ने कहा था कि इस मामले पर सुनवाई करने का आईसीजे को अधिकार ही नहीं है.
ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने कहा, "ये सलाह भर है कोई जजमेंट नहीं है." मंत्रालय ने ये भी कहा कि वह इस सलाह पर सावधानीपूर्वक ग़ौर करेगा, लेकिन ये क़ानूनी रूप से बाध्य नहीं है.
इससे पहले, ब्रिटेन ने कहा था कि वो द्वीप को मॉरीशस के हवाले कर देगा, जब उसे रक्षा उद्देश्यों के लिए इस द्वीप की ज़रूरत नहीं होगी.
विदेश मंत्रालय ने कहा, "हिंद महासागर में ब्रितानी क्षेत्र पर सुरक्षा व्यवस्था ब्रिटेन और दुनियाभर में रह रहे लोगों की रक्षा में मदद के लिए है. इसका मकसद आतंकवादी ख़तरे और संगठित अपराध और पाइरेसी से बचाव है."
साल 2009 में अपना पहला स्मार्टफ़ोन बाज़ार में उतारने के बाद अब सैमसंग फ़ोन की दुनिया में एक नई तकनीक ले कर आई है. गरुवार को कंपनी ने अपना पहला फ़ोल्ड होने वाला यानी मुड़ने वाला फ़ोन लांच किया - नाम है सैमसंग गैलेक्सी फ़ोल्ड.
कंपनी का कहना है, "अपना पहला फ़ोन बनाने के 10 साल बाद इस नए फ़ोन के साथ उसने सिर्फ फ़ोन की शक्ल नहीं बल्कि फ़ोन का भविष्य भी बदल दिया है."
ये फ़ोन दो महीनों में (अप्रैल में) या फिर उससे थोड़ा पहले बाज़ार में आ सकता है.
कंपनी से गैलेक्सी फ़ोल्ड के साथ-साथ 5जी गैलेक्सी एस10 और गैलेक्सी एस10 के तीन और फ़ोन भी लांच किया हैं.
इस फ़ोन पर एक साथ यानी एक स्क्रीन में तीन ऐप्स तक चलाए जा सकते हैं. इसके लिए ऐप को टैबलेट मोड से फ़ोन मोड पर ले जाना होगा जिसे आसान बनाया गया है.
साथ ही बार-बार फ़ोल्ड करने पर फ़ोन को नुक़सान न हो और अधिक इस्तेमाल से फ़ोन की बैटरी ख़त्म ना हो, इसलिए दोनों तरफ दो बैटरियों का इस्तेमाल किया गया है.
किसी भी तरह से पकड़ने पर तस्वीरें लेने में मुश्किल ना हो इसके लिए गैलेक्सी फ़ोल्ड में छह कैमरे हैं- तीन पीछे की तरफ, भीतर की तरफ दो और एक सामने की तरफ.
कंपनी का कहना है कि इसी साल अप्रैल 26 से गैलेक्सी फ़ोल्ड का 4जी वेरिएंट 1,980 अमरीकी डॉलर में बाज़ार में आ जाएगा. इसका 5डी वेरिएंट थोड़ा महंगा होगा और बाद में आएगा. इसकी क़ीमत को देखते हुए कंपनी ने इसे "लग्ज़री आइटम" कहा है.
मॉरीशस को 1968 में ब्रिटेन से आजादी मिली थी, लेकिन उससे पहले ही 1965 में ब्रिटेन ने मॉरीशस से चागोस द्वीप समूह को अलग कर दिया था.
मॉरीशस ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में दावा किया है कि इस द्वीप समूह पर 18वीं शताब्दी से ही उसका अधिकार था, लेकिन 1965 में अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन कर इसे ब्रिटेन ने हड़प लिया.
कोर्ट ने कहा कि चागोस द्वीप को मॉरीशस से वैध तरीक़े से अलग नहीं किया गया.
आईसीजे ने अपने फ़ैसले में कहा है कि द्वीप समूह को क़ानूनी तरीके से मॉरीशस से अलग नहीं किया गया था और मॉरीशस से उसे अलग करने की कार्रवाई ग़ैर-क़ानूनी थी. ब्रिटेन के शासन वाले इस द्वीप समूह पर अमरीका का डिएगो ग्रेसिया सैन्य अड्डा है.
आईसीजे अध्यक्ष अब्दुलकवी अहमद युसूफ़ ने कहा है कि द्वीप समूह से अपना शासन जल्द से जल्द ख़त्म करना ब्रिटेन का कर्तव्य है. मॉरीशस सरकार ने पिछले साल सुनवाई के दौरान कहा था कि चागोस द्वीप समूह को जबरन उससे लिया गया था. जबकि, ब्रिटेन ने कहा था कि इस मामले पर सुनवाई करने का आईसीजे को अधिकार ही नहीं है.
ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने कहा, "ये सलाह भर है कोई जजमेंट नहीं है." मंत्रालय ने ये भी कहा कि वह इस सलाह पर सावधानीपूर्वक ग़ौर करेगा, लेकिन ये क़ानूनी रूप से बाध्य नहीं है.
इससे पहले, ब्रिटेन ने कहा था कि वो द्वीप को मॉरीशस के हवाले कर देगा, जब उसे रक्षा उद्देश्यों के लिए इस द्वीप की ज़रूरत नहीं होगी.
विदेश मंत्रालय ने कहा, "हिंद महासागर में ब्रितानी क्षेत्र पर सुरक्षा व्यवस्था ब्रिटेन और दुनियाभर में रह रहे लोगों की रक्षा में मदद के लिए है. इसका मकसद आतंकवादी ख़तरे और संगठित अपराध और पाइरेसी से बचाव है."
साल 2009 में अपना पहला स्मार्टफ़ोन बाज़ार में उतारने के बाद अब सैमसंग फ़ोन की दुनिया में एक नई तकनीक ले कर आई है. गरुवार को कंपनी ने अपना पहला फ़ोल्ड होने वाला यानी मुड़ने वाला फ़ोन लांच किया - नाम है सैमसंग गैलेक्सी फ़ोल्ड.
कंपनी का कहना है, "अपना पहला फ़ोन बनाने के 10 साल बाद इस नए फ़ोन के साथ उसने सिर्फ फ़ोन की शक्ल नहीं बल्कि फ़ोन का भविष्य भी बदल दिया है."
ये फ़ोन दो महीनों में (अप्रैल में) या फिर उससे थोड़ा पहले बाज़ार में आ सकता है.
कंपनी से गैलेक्सी फ़ोल्ड के साथ-साथ 5जी गैलेक्सी एस10 और गैलेक्सी एस10 के तीन और फ़ोन भी लांच किया हैं.
इस फ़ोन पर एक साथ यानी एक स्क्रीन में तीन ऐप्स तक चलाए जा सकते हैं. इसके लिए ऐप को टैबलेट मोड से फ़ोन मोड पर ले जाना होगा जिसे आसान बनाया गया है.
साथ ही बार-बार फ़ोल्ड करने पर फ़ोन को नुक़सान न हो और अधिक इस्तेमाल से फ़ोन की बैटरी ख़त्म ना हो, इसलिए दोनों तरफ दो बैटरियों का इस्तेमाल किया गया है.
किसी भी तरह से पकड़ने पर तस्वीरें लेने में मुश्किल ना हो इसके लिए गैलेक्सी फ़ोल्ड में छह कैमरे हैं- तीन पीछे की तरफ, भीतर की तरफ दो और एक सामने की तरफ.
कंपनी का कहना है कि इसी साल अप्रैल 26 से गैलेक्सी फ़ोल्ड का 4जी वेरिएंट 1,980 अमरीकी डॉलर में बाज़ार में आ जाएगा. इसका 5डी वेरिएंट थोड़ा महंगा होगा और बाद में आएगा. इसकी क़ीमत को देखते हुए कंपनी ने इसे "लग्ज़री आइटम" कहा है.
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